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Mahesh Navami 2022

प्रतिवर्ष, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को "महेश नवमी" का उत्सव मनाया जाता है. "महेश नवमी" यह माहेश्वरी वंशोत्पत्ति दिवस है अर्थात इसी दिन माहेश्वरी समाज की वंशोत्पत्ति (माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति) हुई थी. इसीलिए इस दिन को माहेश्वरी समाज के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है.


मान्यता है कि, भगवान महेश और आदिशक्ति माता पार्वति ने ऋषियों के शाप के कारन पत्थरवत् बने हुए 72 क्षत्रिय उमराओं को युधिष्ठिर संवत 9 ज्येष्ठ शुक्ल नवमी के दिन शापमुक्त किया और नया जीवन देते हुए कहा की, "आज से तुम्हारे वंशपर (धर्मपर) हमारी छाप रहेगी, तुम “माहेश्वरी’’ कहलाओगे". भगवान महेशजी के आशीर्वाद से नया जीवन और "माहेश्वरी" नाम प्राप्त होने के कारन तभी से माहेश्वरी समाज ज्येष्ठ शुक्ल नवमी को "महेश नवमी" के नाम से 'माहेश्वरी वंशोत्पत्ति दिवस (माहेश्वरी समाज स्थापना दिवस)' के रूप में मनाता है. भगवान महेश और देवी महेश्वरी (माता पार्वती) की कृपा से माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई इसलिए भगवान महेश और देवी महेश्वरी को माहेश्वरी समाज के संस्थापक मानकर माहेश्वरी समाज में यह दिन 'महेश नवमी' के नामसे बहुत ही भव्य रूप में और बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता है. महेश नवमी का पर्व मुख्य रूप से भगवान महेश (महादेव) और माता पार्वती की आराधना को समर्पित है, उनके द्वारा बताये गए जीवनमार्ग एवं सिद्धांतों पर जीवन जीने के संकल्प के प्रति समर्पित

ईसापूर्व 3133 में माहेश्वरी समाज की स्थापना के साथ ही माहेश्वरी समाज को मार्गदर्शित करने के लिए भगवान महेशजी ने माहेश्वरी समाज को "गुरु" प्रदान किये, समाजगुरु बनाये. इन गुरुओं ने माहेश्वरी समाज के लिए कुछ व्यवस्थाएं और कुछ नियम भी बनाए थे. हरएक माहेश्वरी का कर्तव्य है, अनिवार्य दायित्व है कि वो गुरु के बनाए व्यवस्था व नियमों का पालन करे, महेश नवमी का दिन है इस बात के दृढ़संकल्प को दोहराने का ! महेश नवमी का दिन है माहेश्वरी समाज द्वारा अपने समाज के पालक-संरक्षक भगवान महेशजी के प्रति विशेष आभार प्रकट करने का ! भगवान महेशजी, आदिशक्ति माता पार्वती और गुरुओं द्वारा दिखाए-बताये मार्ग पर चलते रहने के प्रति प्रतिबद्धता प्रकट करने का ! अपने आचार-विचार से सम्पूर्ण विश्व के मानव जाती के सामने एक सही जीवनपद्धति सादर करने के जिस महान उद्देश्य से भगवान महेशजी ने माहेश्वरी वंश का, माहेश्वरी समाज का निर्माण किया उस उद्देश्य की पूर्ति में लगे रहने का, समर्पित रहने का !


Mahesh Navami is a Maheshwari festival which is celebrated as a celebration of the origin of the Maheshwari community. As per traditional Indian calendar, the Mahesh Navami is observed on the ninth day of the Shukla Paksha in the month of Jyeshta.

The festival of Mahesh Navami is dedicated primarily to the worship of Lord Mahesh (Mahadev) and Mata Parvati, dedicated to the determination of living life on the paths and principles given by them.


I offer my greeting to all the Maheshwaris on the holy occasion of Mahesh Navami.


मैं महेश नवमी के पावन अवसर पर सभी माहेश्वरीयों को अपनी शुभकामनाएँ देता हूँ।




What is Mahesh Navami and Why Celebrate it? | महेश नवमी क्या है और इसे क्यों मनाते हैं? | Mahesh Navami Celebration Significance, Date and Time


महेश नवमी क्या है और इसे क्यों मनाते हैं?

प्रतिवर्ष, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को "महेश नवमी" का उत्सव मनाया जाता है. "महेश नवमी" यह माहेश्वरी वंशोत्पत्ति दिवस है अर्थात इसी दिन माहेश्वरी समाज की वंशोत्पत्ति (माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति) हुई थी. इसीलिए इस दिन को माहेश्वरी समाज के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है.

मान्यता है कि, भगवान महेश और आदिशक्ति माता पार्वति ने ऋषियों के शाप के कारन पत्थरवत् बने हुए 72 क्षत्रिय उमराओं को युधिष्ठिर संवत 9 ज्येष्ठ शुक्ल नवमी के दिन शापमुक्त किया और नया जीवन देते हुए कहा की, "आज से तुम्हारे वंशपर (धर्मपर) हमारी छाप रहेगी, तुम “माहेश्वरी’’ कहलाओगे". भगवान महेशजी के आशीर्वाद से नया जीवन और "माहेश्वरी" नाम प्राप्त होने के कारन तभी से माहेश्वरी समाज ज्येष्ठ शुक्ल नवमी को "महेश नवमी" के नाम से 'माहेश्वरी वंशोत्पत्ति दिवस (माहेश्वरी समाज स्थापना दिवस)' के रूप में मनाता है. भगवान महेश और देवी महेश्वरी (माता पार्वती) की कृपा से माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई इसलिए भगवान महेश और देवी महेश्वरी को माहेश्वरी समाज के संस्थापक मानकर माहेश्वरी समाज में यह दिन 'महेश नवमी' के नामसे बहुत ही भव्य रूप में और बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता है. महेश नवमी का पर्व मुख्य रूप से भगवान महेश (महादेव) और माता पार्वती की आराधना को समर्पित है, उनके द्वारा बताये गए जीवनमार्ग एवं सिद्धांतों पर जीवन जीने के संकल्प के प्रति समर्पित है.

ईसापूर्व 3133 में माहेश्वरी समाज की स्थापना के साथ ही माहेश्वरी समाज को मार्गदर्शित करने के लिए भगवान महेशजी ने माहेश्वरी समाज को "गुरु" प्रदान किये, समाजगुरु बनाये. इन गुरुओं ने माहेश्वरी समाज के लिए कुछ व्यवस्थाएं और कुछ नियम भी बनाए थे. हरएक माहेश्वरी का कर्तव्य है, अनिवार्य दायित्व है कि वो गुरु के बनाए व्यवस्था व नियमों का पालन करे, महेश नवमी का दिन है इस बात के दृढ़संकल्प को दोहराने का ! महेश नवमी का दिन है माहेश्वरी समाज द्वारा अपने समाज के पालक-संरक्षक भगवान महेशजी के प्रति विशेष आभार प्रकट करने का ! भगवान महेशजी, आदिशक्ति माता पार्वती और गुरुओं द्वारा दिखाए-बताये मार्ग पर चलते रहने के प्रति प्रतिबद्धता प्रकट करने का ! अपने आचार-विचार से सम्पूर्ण विश्व के मानव जाती के सामने एक सही जीवनपद्धति सादर करने के जिस महान उद्देश्य से भगवान महेशजी ने माहेश्वरी वंश का, माहेश्वरी समाज का निर्माण किया उस उद्देश्य की पूर्ति में लगे रहने का, समर्पित रहने का !

Mahesh Navami Logo colour PNG

Mahesh Navami is a Maheshwari festival which is celebrated as a celebration of the origin of the Maheshwari community. As per traditional Indian calendar, the Mahesh Navami is observed on the ninth day of the Shukla Paksha in the month of Jyeshta.

The festival of Mahesh Navami is dedicated primarily to the worship of Lord Mahesh (Mahadev) and Mata Parvati, dedicated to the determination of living life on the paths and principles given by them.

Mahesh Navami Logo PNG

Mahesh Navami Logo

देखें link > Traditional picture (image) of Mahesh Navami festival (माहेश्वरी वंशोत्पत्ति दिवस का पारम्परिक चित्र)


देखें link > Maheshwari - Origin and brief History (माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति एवं इतिहास)


देखें link > माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति के बाद से अबतक का संक्षिप्त इतिहास


देखें link > Brief introduction to Maheshwari community (माहेश्वरी समाज का संक्षिप्त परिचय)


देखें link > जैसे राजपूत माने शेर (Loin), सिख माने बाघ (Tiger), वैसे ही माहेश्वरी माने "हाथी" (Elephant)


देखें link > Maheshwari is Not a Name it is a Brand

Identity of the Maheshwaris

देखें link > आज से कितने वर्ष पूर्व हुई है माहेश्वरी समाज की स्थापना? जिसे माहेश्वरी वंशोत्पत्ति कहा जाता है।


देखें link > माहेश्वरीयों के विवाह की विधियों का सीधा सम्बन्ध जुड़ा हुवा है महेश नवमी से



देखें link > Divy Dhwaja, Maheshwari Flag (माहेश्वरी निशान "दिव्यध्वज")



देखें link > क्या है माहेश्वरी अखाड़ा? जानिए माहेश्वरी अखाड़े के बारेमें...


देखें link > माहेश्वरीयों के जीवनपद्धति का आधार है माहेश्वरी वंशोत्पत्ति के समय बने मूल सिद्धांत


देखें link > Maheshwari theme Profile Pics, DP Images for Facebook & WhatsApp



CM Rajasthan Vasundhara Raje conveyed wishes on Mahesh Navami


महेश नवमी के पर्व पर 
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने दी शुभकामनाएं


माहेश्वरी समाज के सर्वोच्च धार्मिक-आध्यात्मिक संस्था माहेश्वरी अखाड़ा के पीठाधिपति योगी प्रेमसुखानन्द माहेश्वरी जी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर, महेश नवमी पर राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा शुभकामनाएं... दी जानी चाहिए ऐसी अपेक्षा व्यक्त की थी, इसलिए प्रयास किये थे. इसके मद्देनजर, माहेश्वरीयों का होमलैंड माने जानेवाले "राजस्थान" के मुख्यमंत्री ने आज तक, अब तक के इतिहास में पहली बार महेश नवमी के पर्व पर माहेश्वरी समाज के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की. माहेश्वरी अखाडा एवं समस्त माहेश्वरी समाज की ओरसे राजस्थान की मुख्यमंत्री माननीया वसुंधरा राजे एवं राजस्थान सरकार का बहुत बहुत धन्यवाद !

Letter to CM of Rajasthan for declaring public holiday at the Mahesh Navami


माहेश्वरी समाज के सबसे बड़े त्योंहार महेश नवमी के पर्व पर सार्वजनिक अवकाश (छुट्टी) घोषित करने के लिए योगी प्रेमसुखानन्द माहेश्वरी (पीठाधिपति, माहेश्वरी अखाड़ा) द्वारा माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान वसुंधरा राजे को पत्र l

Letter to Hon'ble Chief Minister of Rajesthan Vasundhara Raje by the Yogi Premsukhanand Maheshwari (Peethadhipati of Maheshwari Akhada) for declaring public holiday at the festival of Mahesh Navami, the biggest festival of Maheshwari community.

Letter to PM Modi for declaring gazetted holiday at the Mahesh Navami


माहेश्वरी समाज के सबसे बड़े त्योंहार महेश नवमी के पर्व पर राजपत्रित अवकाश (छुट्टी) घोषित करने के लिए योगी प्रेमसुखानन्द माहेश्वरी (पीठाधिपति, माहेश्वरी अखाड़ा) द्वारा भारत के माननीय प्रधानमंत्री मोदी को पत्र l

Letter to Honorable Prime Minister of India Modi by the Yogi Premsukhanand Maheshwari (Peethadhipati of Maheshwari Akhada) for declaring gazetted holiday at the festival of Mahesh Navami, the biggest festival of Maheshwari community.

Maheshwaris and Ganesha


माहेश्वरीयों का गणेशजी कनेक्शन...

देवी पार्वती के कहने पर भगवान महादेव (महेशजी) ने गणेश के कटे हुए सिर पर हाथी का सिर जोड़कर गणेशजी को पुनर्जीवन दिया ठीक उसी तरह से ऋषियों के शाप के कारन मृतवत पड़े 72 क्षत्रिय उमरावों को देवी पार्वती के कहने पर ही भगवान महेशजी ने पुनः जीवित किया, पुनर्जीवन दिया. जैसे पुत्र को पिता का नाम मिलता है वैसे ही पुनर्जीवित किये हुये क्षत्रिय उमरावों को भगवान महेश्वर और माता महेश्वरी ने "माहेश्वरी" यह अपने नाम से जुडी नई पहचान, नया नाम दिया. यह है गणेशजी और  माहेश्वरीयों के जन्म में समानता. इसीलिए जैसे देवी पार्वती गणेशजी की  माता है उसी तरह माहेश्वरीयों की भी माता है. जैसे गणेशजी माता पार्वती के पुत्र है वैसे ही माहेश्वरी भी माता पार्वती के पुत्र है. इस हिसाब से गणेशजी माहेश्वरीयों के लिए भाई हुए... यह है माहेश्वरीयों का गणेशजी कनेक्शन.



इसीलिए महेश-पार्वती की जीतनी कृपा अपने पुत्र गणेश पर उतनी ही कृपा है माहेश्वरीयों पर !


जय गणेश, जय महेश, जय माँ महेश्वरी !

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